सूरज के रथ पर छह घोड़े दौड़ते हैं
जो दिन को उसके क्रम में बाँध रखते हैं,
पर सातवाँ घोड़ा…
वो किसी दिशा में नहीं बँधा,
किसी समय का दास नहीं,
किसी ऋतु का यात्री नहीं।
वो जन्म चुका है
उसी क्षण जब ब्रह्मांड ने
पहली बार अपनी आँख खोली थी—
प्रकाश के चेतन होने से ठीक पहले।
वो रोशनी का नहीं,
रोशनी के प्रश्न का अवतार है।
सातवाँ घोड़ा—
सूरज से आगे की स्वतंत्रता है,
जो कहती है—
“प्रकाश को भी कभी-कभी
स्वयं को समझने के लिए
अपने स्रोत से दूर जाना पड़ता है।”
उसकी पीठ पर न समय ठहरता है,
न दूरी।
वो वहाँ दौड़ता है
जहाँ विचार जन्म लेते हैं—
जहाँ मन अपने भीतर का ब्रह्मांड पहचानता है।
उसकी चाल
न तेज़ है न धीमी—
वो वैसी ही है
जैसी किसी ध्यान में बैठी आत्मा की।
कभी अनंत को भेदती,
कभी मौन को छूती,
कभी उन प्रश्नों को जगाती
जिन्हें हम उत्तर समझकर सो चुके होते हैं।
सूरज उसे पुकारता नहीं,
क्योंकि उसे पता है
कि सातवाँ घोड़ा रोशनी का नहीं—
चेतना का है।
और चेतना
कभी आदेश से नहीं चलती,
दृष्टि से चलती है।
कुछ लोग कहते हैं—
वो घोड़ा केवल कवियों को दिखाई देता है,
कुछ कहते—
उसे सूफी अपनी आँख बंद करके देखते हैं,
पर सच यह है—
वो हर मनुष्य के भीतर है
बस पहचानने की दृष्टि
हर किसी में नहीं।
जब कोई अपनी सबसे गहरी चुप्पी में
अपने भीतर उतरता है,
और पहली बार दुनिया को
उन चश्मों से देखता है
जो जन्म से पहले पहनकर आया था—
उसी क्षण
सातवाँ घोड़ा हल्के से हिनहिनाता है।
वो जीवन का वह हिस्सा है
जहाँ घटनाएँ नहीं,
उनके अर्थ जन्म लेते हैं।
जहाँ दुख नहीं,
दुख का बोध खुद को समझने लगता है।
जहाँ प्रेम नहीं,
प्रेम का कारण आकार लेता है।
वो घोड़ा
कभी अँधेरे को हराने नहीं जाता,
क्योंकि वह जानता है—
अँधेरा कोई शत्रु नहीं,
बस प्रकाश की अनुपस्थिति है।
और अनुपस्थिति
कभी किसी युद्ध से नहीं मिटती,
बस एक जागृति से मिटती है।
सातवाँ घोड़ा—
ज्ञान का नहीं,
बोध का प्रतीक है।
चमक का नहीं,
प्रतिबिंब का।
सत्य का नहीं,
सत्य के पीछे की उस शांति का
जो कहती है—
“तू वही है
जिसकी तलाश तू कर रहा है।”
सूरज रोज उग जाता है,
पर सातवाँ घोड़ा…
वो केवल तब उगता है
जब कोई मनुष्य
अपने भीतर का अँधेरा
बिना भय के देख लेता है
और कहता है—
“जो मैं देख रहा हूँ,
वो मुझे नहीं तोड़ता
मुझे समझता है।”
और तभी—
बहुत धीरे,
बहुत शांत,
बहुत दूर…
सातवाँ घोड़ा
अपने खुरों से
ब्रह्मांड की धूल उठाता है
और उसे एक नयी चेतना में बदल देता है।
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