सोमवार, 10 नवंबर 2025

दुःख परीक्षा है साहस उत्तर

हर दर्द, हर ठोकर, हर गिरना
कोई सज़ा नहीं — एक प्रश्न है।
जीवन बार-बार पूछता है हमसे —
“क्या तुम अब भी खड़े हो अपने विश्वास में?”

दुःख वही परीक्षा है,
जो बिना कक्ष के होती है,
जहाँ प्रश्न कागज़ पर नहीं,
दिल के भीतर लिखे जाते हैं।

हर आँसू एक सवाल होता है,
हर आह एक कसौटी,
जहाँ नकल मुमकिन नहीं,
सिर्फ़ सच्ची हिम्मत चलती है।

साहस — वही उत्तर है,
जो बिना शब्दों के दिया जाता है,
जब हम टूटते हुए भी मुस्कुरा दें,
गिरकर भी फिर चल पड़ें,
तब जीवन कहता है — “तुम उत्तीर्ण हो गए।”

कई बार लगता है —
दुनिया जीतने वालों की है,
पर सच तो ये है —
दुनिया उसी की है, जो हार के बाद भी
फिर से उठना जानता है।

जो उत्तर नहीं देता,
वो असफल नहीं, अधूरा कहलाता है —
क्योंकि साहस वही कलम है,
जो अधूरे उत्तरों को पूर्ण करती है।

मत डर दुःख से —
वो तेरा शत्रु नहीं, तेरी परीक्षा है,
और तू वो विद्यार्थी है,
जिसके उत्तर तुझे खुद लिखने हैं।

स्मरण रख —
जब हिम्मत आख़िरी साँस तक जिंदा रहती है,
तो असफलता भी सिर झुका देती है।

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