रविवार, 17 नवंबर 2019

अनुभव

मेरे तजुर्बे को दर्शाती
मेरे बालों की सफेदी
मुझे यू हल्के में मत लो
तमाम पतझड़ भी देखे है
तमाम सावन भी देखे है
कई अनुभवों के बीच से
गुजरी है मेरी जीवन यात्रा
कुछ सुख के तो कुछ दुःख के
कभी अग्नि परीक्षा तो कभी
शीत का ताप..
जमी भी हूँ जली भी हूँ
पिघली भी हूँ बुझी भी हूँ
पर न राख हूँ न बर्फ हूँ
एक अनुभव हूँ
सुख की दुख की
धूप की छाँव की
समय तो नही पर समय की
यात्रा में मैं रमी भी हूँ
मेरे बालो की सफेदी
मेरे तमाम अनुभवों की कहानी।

सोमवार, 21 अक्टूबर 2019

दोस्त मेरा

दोस्ती
   
मेरे जमीर से जुड़ा था
मेरे एहसासों में पला था
एक दोस्त था
जो लकीरो में सजा था
सुख दुख हँसी खुशी
सब सजती थी
दोस्ती की दीवार
बड़ी पक्की थी
बचपन से लेकर
जवानी तक
नादानियों से लेकर
रवानी तक
वो रूह में बसा था
तकदीर में सजा था
उम्र बढ़ी दोस्ती और बढ़ी
दोस्त दोस्त ना रहा
अब प्यार हो गया
मेरी हर आदत में वो
शुमार हो गया
खबर जमाने को हुई
एक कोहराम सी मची
सजा ये मिली कि दोस्त मेरा
अनजान हो गया
समय धीरे धीरे बीतता रहा
वो खुद में रम गया
और मैं जूझती रही
कभी खुद से कभी तकदीर से
मुझे जो मिला वक्त के हाथों खो गया
नसीब था दोस्तो कुछ दिन बाद
खुद ही सो गया..
ना जाने कितने मौसम बीते
राते बीती दिन बीते
लोग मिले लोग बिछड़े
वो अब याद भी नही है
कुछ याद है तो बस
वो दोस्त मेरा
जो बचपन मे मिला
और जवानी की दहलीज
में झांकने से पहले
गुम हो गया...

धन्यवाद
दिव्या पाण्डेय
गोरखपुर

गुरुवार, 23 मई 2019

एक उम्मीद किसी को न खोने की...

रायपुर, जेएनएन। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के रसायन विभाग की शोधार्थी ममता त्रिपाठी ने कैंसर से लड़ने के लिए एक नया फार्मूला इजात किया है। जिसमें ऐसा कम्पाउंड तैयार किया गया है जो पीड़ित के शरीर में दवा का फार्मूला लंबी अवधि तक रख कर कंपन के साथ किमोथेरेपी करेगा। इसे प्राथमिक तौर पर मेडिसिन साफ्टवेयर ग्रो मैक्स एन ए एमडी ने मानक क्षमता की स्वीकृति दे दी है।


चल रहा परीक्षण

देश की नामी मेडिसिन लैब दुर्गा फार्मासिटिकल लैब (डीएसपी) में इसे मानव शरीर के लिए परिक्षण किया जा रहा है। ममता ने बताया कि इस तरह के शोध के बाद इस साफ्टवेयर में जांच से ही शोध की गुणवत्ता तय होती है। मैंने चार वर्षों के शोध के बाद यह फार्मूला तैयार किया।

इस तरह करता है कार्य

फार्मूला इस तरह से तैयार किया गया है, कि कैंसर पीड़ित के शरीर में जाकर कंपन करे, ताकि कीमोथेरेपी में अच्छी तरह से सहायक बन सके और शरीर में कैंसर युक्त सभी जीवाणुओं को मार सके। कंपन के कारण फार्मूला शरीर में लंबे समय तक रहता है, जिससे जल्द कैंसर से निजात पाने में मदद मिल पाएगी।

शोध को लेकर भविष्य में कैंसर के प्रभावी इलाज की अपार संभावनाएं नजर आ रही हैं। अभी यह साफ्वेयर में जांचा गया है। यदि मानव शरीर पर पूर्ण रूप से कार्य कर पाया तो जानलेवा बीमारी से छुटकारे के लिए एक बड़ा कदम होगा।

- डॉ. रमा पाण्डेय, विशेषज्ञ- कैंसर ड्रग डिजाइन, सेवानिवृत्त प्रोफेसर, रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर