बुधवार, 19 नवंबर 2025

उस दौर का प्यार

कुछ रिश्ते अंजाने में ही बन जाते हैं,
पहले सिर्फ दिल में हल्की-सी हलचल होती है,
फिर वो धीरे-धीरे हमारी जिंदगी में उतर आते हैं,
बिना कहे, बिना सोचे, बस एहसासों में समा जाते हैं।

कुछ लोग ऐसे भी मिलते हैं,
जिन्हें देखकर दिल मुस्कुराने लगता है,
जिनके साथ समय गुजरता है तो हर पल खास हो जाता है,
और जिनकी यादें हमारे भीतर किसी गीत की तरह गुनगुनाती हैं।

कहते हैं, ये प्यार का दौर है,
जब हर छोटी-सी खुशी बड़ी लगती है,
हर दुख में कोई छाया बनकर साथ खड़ा रहता है,
और हर नज़र में बस वही चेहरे बसते हैं।

ये वो पल हैं जब लोग सिर्फ दोस्त नहीं रहते,
बल्कि हमारे जीवन की रौशनी बन जाते हैं,
जब कोई आपकी बातें समझता है,
बिना बोले ही आपके मन की धड़कन महसूस कर लेता है।

कुछ रिश्ते अंजाने में ही गहरे हो जाते हैं,
जैसे बारिश की बूँदें सूखी मिट्टी में मिलकर नदियों की तरह बह निकलती हैं,
जैसे रात की चुप्पी सूरज की रोशनी में बदल जाती है,
और हमारी जिंदगी उन लम्हों से रंगीन हो जाती है।

कहते हैं इस दौर को प्यार,
जहां लोग सिर्फ हमारी जिंदगी का हिस्सा नहीं,
बल्कि हमारी आत्मा की मुस्कान बन जाते हैं।
जहां हर याद, हर एहसास, हर स्पर्श हमें यह महसूस कराता है—
कि सच में, कोई हमारी जिंदगी से भी प्यारा हो सकता है।

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