मेरे तजुर्बे को दर्शाती
मेरे बालों की सफेदी
मुझे यू हल्के में मत लो
तमाम पतझड़ भी देखे है
तमाम सावन भी देखे है
कई अनुभवों के बीच से
गुजरी है मेरी जीवन यात्रा
कुछ सुख के तो कुछ दुःख के
कभी अग्नि परीक्षा तो कभी
शीत का ताप..
जमी भी हूँ जली भी हूँ
पिघली भी हूँ बुझी भी हूँ
पर न राख हूँ न बर्फ हूँ
एक अनुभव हूँ
सुख की दुख की
धूप की छाँव की
समय तो नही पर समय की
यात्रा में मैं रमी भी हूँ
मेरे बालो की सफेदी
मेरे तमाम अनुभवों की कहानी।
मैं एक कवयित्री और लेखिका हूँ, जो शब्दों में अपनी भावनाओं की छवियाँ उकेरती है। यह मेरा छोटा-सा संसार है, जहाँ एहसास कविता बनकर और अनुभव शब्द बनकर जीवित हो उठते हैं।
रविवार, 17 नवंबर 2019
अनुभव
सदस्यता लें
संदेश (Atom)