गुरुवार, 20 नवंबर 2025

समय की सरहद

समय ना रुके, ना लौट के आए,
हर लम्हा हमें जीना सिखाए।
आज जो बीत गया, वह कहानी है पुरानी,
कल की चिंता, बस छाया है पानी।

अपने सपनों को अब छू लो,
हर कदम में भरोसा रखो।
वक़्त की रफ्तार है तेज़,
पर आपकी मेहनत बनेगी सेज़।

छोटा सा पल, बड़ा कर सकता है चमत्कार,
बस उठो, चलो, ना रुको बार-बार।
समय है अनमोल, इसे खोना मत,
जीवन का हर पल बनाओ अपने लिए सबूत।

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