मेरा पूरा आसमान तैरता मिलेगा—
वही दिन होगा जब मैं समझूँगी
मोहब्बत सिर्फ किस्सों का ज़िक्र नहीं…
एक साँस की वजह भी होती है।
कहीं कोई अभी भी
दूर किसी समंदर से मेरा नाम चुन रहा है,
मैं यहाँ टूटती रहती हूँ—
और वो वहाँ मेरे लिए मोती बनने का
इम्तिहान सह रहा है।
मैं हारूँगी नहीं…
क्योंकि दिल जीतना मेरी ज़िद नहीं—
मेरी दुआ है।
अगर मेरे ख़ुदा को मंज़ूर हुआ
तो कोई चेहरा मेरी दुवाओं का जवाब बनकर आएगा।
एक दिन कोई ऐसा होगा
जिसके होने पर मेरी धड़कनें
बहाने नहीं ढूँढेंगी जीने के।
जिसके बिना, मैं जिंदा ही नहीं रहना चाहूँगी—
और ये बात मेरी जीत होगी, हार नहीं।
रात के सन्नाटे में
जब कोई अनजान दिल अचानक काँप उठता है,
मुझे लगता है — शायद वह भी मेरे जैसा ही है।
टूटा नहीं… पर टुटने से एक कदम पहले खड़ा हुआ।
शायद मेरा इंतज़ार उसी भीड़ में छिपा हुआ है।
ज़िंदगी…
इस बार किसी बेनाम सफ़र में मत ले जाना,
अगर मोहब्बत लिखनी हो
तो पूरा लिक्खना—
अधूरा रहने की आदत अब नहीं रही।
हाँ, आज मैं अकेली हूँ…
पर मुझे यकीन है —
कहीं न कहीं, किसी के भीतर
मेरे नाम की रौशनी जल चुकी है।
और किसी एक का होना
मेरी पूरी दुनिया के बराबर होगा।
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