जब याद मेरी हद कर दे
तो रुकना नही तुम
मेरे पास चले आना।
जब भी घना अँधेरा छा जाए
तो डरना नही
मेरे पास चले आना।
जब हर तरफ चिराग बुझ जाए।
और कुछ भी नजर ना आये।
तुम घबराना मत
मेरे पास चले आना।
जब आकाश में बादल
छ जाए।
यादों की बरसात हो जाए।
तुम उदास मत होना।
मेरे पास चले आना।
जब साँसे उखड़ने लगे
आहे तड़पने लगे।
तुम टूटना मत
मेरे पास चले आना।
जब दिल तुम्हारा दुखने लगे
कोई तुम्हारा छूटने लगे
तुम रोना मत
मेरे पास चले आना।
मैंने भी तो किया है
तुमसे हद तक प्यार
आज भी करती हूँ
तुम्हारा इन्तजार।
तुम सोचना नही
मेरे पास चले आना....
मैं एक कवयित्री और लेखिका हूँ, जो शब्दों में अपनी भावनाओं की छवियाँ उकेरती है। यह मेरा छोटा-सा संसार है, जहाँ एहसास कविता बनकर और अनुभव शब्द बनकर जीवित हो उठते हैं।
सोमवार, 28 सितंबर 2015
मेरे पास चले आना
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