बदल जायेगी जिन्दगी तेरी जरा साथ चल के देख।
मेरे लिए भी तू कभी खुद को बदल के देख।।
नखरे तेरे हजार है शिकवे भी है शामिल।
मेरे लिए तू अपना नजरिया बदल के देख।।
खामोश है जुबाँ क्यों? ऐतराज क्या तुझे?
मेरे लिए तू अपने अहसास बदल के देख।।
मुसाफिर हु तेरे राह की मंजिल है मेरी तू।
मेरे लिए भी तू कभी मेरे साथ चल के देख।।
एहसान इश्क का कर न फैसला सुना।
मेरे लिए तू अपना फ़रमान बदल के देख।।
बदल जाएगी जिंदगी तेरी जरा साथ चल देख।।
मेरे लिए भी तू कभी खुद को बदल के देख।।
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