सोमवार, 28 सितंबर 2015

कभी अलविदा मत कहना

मुझसे
लड़ना ...
झगड़ना ...
रूठना ...
चाहे मत मनाना ...
बस ...
कभी अलविदा मत कहना ...
क्योंकि
जिंदगी या समय
मुड़कर नही देखती
लौट कर नही आती
चली जाती है मन का
एक कोना
खाली करके....
या भरके....
तुम समय तो नही
पर समय तुमसे है
मेरा...
तुम जिंदगी भी नही
पर....
जिंदगी तुमसे ही तो है
हो सके तो
लौट आना
ना तोड़ के जाना
ना छोड़ के जाना
गर...
हो सके तो लौट आना....

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