छुप कर मैंने कभी किसी से प्यार ना किया।
देख तेरे प्यार का हर कर्जा चुका दिया।।
तू बेवफा सही तुझे क्या मै अब कहूँ।
तुमने तो दिल के सारे अरमाँ मिटा दिया।।
अँधेरा बहुत है आज चिराग बुझ गए।
मैंने फिर तेरे इश्क में ये दिल जला दिया।।
तुझे चाहना गजब था इंतहा की हद थी।
भुला के तुझको सबकुछ भुला दिया।।
दीवारो दर मैंने लिखा था तेरा नाम।
आज उनको मैंने खुद ही मिटा दिया।।
जब भी किसी ने पूछा हाल दिल का मेरे।
कागज पर टूटे दिल का टुकड़ा बना दिया।।
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