तेरे मेरे दरमियान कोई फासला तो नही।
पर कोशिशो के बाद भी तू मुझे मिला नही।।
चाहा था दिल का राज छुपा के रख लूँ कही।
पर आग लगे धुँवा ना ये तो मुमकिन नही।।
जोड़ दे जज्बात अपने तू मेरी तन्हाईयो से।
तोड़ देते है भँवर में हम ऐसे इंसान नही।।
वादा दे दूँ कसमें ले लूँ या वफ़ा का सबूत दूँ।
कर भरोसा हमपे तू भी दिल का ये सौदा नही।।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें