कोई सपने सजाता है आँखो में
तो कोई ठोकर मार कर आगे
बढ़ने की कोशिश करता है
क्या वास्तविक जिंदगी में जीने
के लिए है कुछ इन
सपनो के सिवा...
जीवन में उड़ान की एक सोच
कैसे उभरती है
आखिर सोच भी तो सपनो का
एक हिस्सा ही होता है
हा मैंने सुना है कुछ एक से
जीने का मकसद ही
ख्वाब को पूरा करना है
तो सच तो है ना
बिना सपनो के जीना कैसा
तुम ही कहो क्या
रखा है जीने में इन
सपनो के बिना...
मेरी इन जागती आँखो में
भी पलता है
एक ख्वाब जज्बातों का
रोज निकलता है
जज्बा बनकर
छूता है मन की खामोशियो को
और हँसाता है बेरंग सी
दुनिया को मेरे
फिर क्यों सोचूँ कुछ और मै
चलो आज उड़ान भरती हूँ
मै भी
एक अनुभूति को साथ लेकर
अनन्त आकाश में
पंख पसारे
अपनों के लिए
अपने
सपनो के लिए
बस एक उड़ान...
मैं एक कवयित्री और लेखिका हूँ, जो शब्दों में अपनी भावनाओं की छवियाँ उकेरती है। यह मेरा छोटा-सा संसार है, जहाँ एहसास कविता बनकर और अनुभव शब्द बनकर जीवित हो उठते हैं।
शनिवार, 3 अक्टूबर 2015
एक उड़ान सपनो की
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अति सुन्दर
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