मची है एक हलचल सी
कुछ करने की,
मौके पे मौका देती जिंदगी ,
कितने को संभाला
कितना गवांया ,
जो खोया सो गया
मौका देती जिंदगी,
पर समय कहता
कुछ और ,
ध्यान रख…
मौका देती जिंदगी
पर मै जिंदगी नहीं
मै तो तेरा
समय हूँ
एक बार गया ..
तो वापस नहीं आऊंगा…
पहल कर
वरना जिंदगी भी
थक कर मौके न देगी
पहल कर तू पहल कर !
इसी विचार के साथ शुभ रात्री
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें