मैं एक कवयित्री और लेखिका हूँ, जो शब्दों में अपनी भावनाओं की छवियाँ उकेरती है। यह मेरा छोटा-सा संसार है, जहाँ एहसास कविता बनकर और अनुभव शब्द बनकर जीवित हो उठते हैं।
सोमवार, 3 अक्टूबर 2016
अवसाद
हा सच अवसाद में है जिंदगी
रिस्तो के फसाद में है जिंदगी।।
बहुत कश्मोकश में है हम तो
जाने क्या तलाश में है जिंदगी।।
टूट कर बिखरी है उम्मीदें सारी
लेकिन किस आस में है जिंदगी।।
बहुत टूटी हूँ रवायतों के चलते
अब मौत की तलाश में है जिंदगी।।
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