मैंने हर राह पर
रिश्तो को तड़पते
हुए देखा है.....
ये दम तोड़ते रिश्तें
ग़मों से भागते रिश्तें
सिसकते हुए
हर बार
टूटते हुए
बार बार
देखा है.....
मैंने हर राह पर
रिश्तो को खाक होते
जमीं पर लोटे
खुदी पर रोते
तड़पते हुए
मचलते हुए
देखा है......
मैंने हर राह पर
रिश्तो को
कफ़न में
लिपटते हुए
अगन में जलते हुए
बार बार दम
तोड़ते हुए देखा है.......
........................
.......रिश्तों की आपा
धापी में तूने मुझे भुला दिया
देख मुझे
मै वक्त हूँ
मै वक्त हूँ
मै वक्त हूँ
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