फैसला जो कुछ भी हो मंज़ूर होना चाहिए
जंग हो या इश्क़ हो, भरपूर होना चाहिए
भूलना भी है ज़ौरी याद रखने के लिए
पास रहना है तो थोड़ा दूर होना चाहिए
अपने हाथों से बनाया है खुदा ने आप को
आप को थोड़ा-बहोत मग़रूर होना चाहिए
कट गई है उम्र सारी जिनकी पत्थर तोड़ते
अब कोई हाथों में कोहेनूर होना चाहिए
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