रविवार, 17 नवंबर 2019

अनुभव

मेरे तजुर्बे को दर्शाती
मेरे बालों की सफेदी
मुझे यू हल्के में मत लो
तमाम पतझड़ भी देखे है
तमाम सावन भी देखे है
कई अनुभवों के बीच से
गुजरी है मेरी जीवन यात्रा
कुछ सुख के तो कुछ दुःख के
कभी अग्नि परीक्षा तो कभी
शीत का ताप..
जमी भी हूँ जली भी हूँ
पिघली भी हूँ बुझी भी हूँ
पर न राख हूँ न बर्फ हूँ
एक अनुभव हूँ
सुख की दुख की
धूप की छाँव की
समय तो नही पर समय की
यात्रा में मैं रमी भी हूँ
मेरे बालो की सफेदी
मेरे तमाम अनुभवों की कहानी।

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